Tuesday, February 17, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. महाराष्ट्र
  3. महाराष्ट्र में मुस्लिम वर्ग को दिए गए 5% आरक्षण का फैसला रद्द, जाने क्यों लिया गया ये फैसला

महाराष्ट्र में मुस्लिम वर्ग को दिए गए 5% आरक्षण का फैसला रद्द, जाने क्यों लिया गया ये फैसला

Reported By : Sachin Chaudhary Edited By : Subhash Kumar Published : Feb 17, 2026 11:10 pm IST, Updated : Feb 17, 2026 11:38 pm IST

महाराष्ट्र में पिछड़े मुस्लिम को दिए गए आरक्षण के पुराना फैसले को रद्द कर दिया गया है। साल 2014 में एक अध्यादेश के जरिए ये आरक्षण दिया गया था। हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस पर स्टे लगा दिया था। आइए जानते हैं पूरा मामला।

maharashtra muslim reservation cancelled- India TV Hindi
Image Source : PTI महाराष्ट्र में मुस्लिम समुदाय को आरक्षण का फैसला रद्द। (फाइल फोटो)

महाराष्ट्र से बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में में देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार ने पिछड़े मुस्लिम वर्ग को दिए गए 5% आरक्षण का फैसला रद्द कर दिया है। बता दें कि साल 2014 में सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े मुस्लिम वर्ग को एक अध्यादेश के जरिए 5% आरक्षण दिया गया था। हालांकि, इस अध्यादेश पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने स्टे लगा दिया था जिस कारण ये फैसला लागू नहीं हो पाया। इसीलिए इसे लैप्स यानी निरस्त माना गया। अब सरकार ने कहा है कि 5% आरक्षण देने वाले में जारी किए गए सभी सरकारी फैसले और सर्कुलर रद्द माने जाएंगे।

यहां समझें पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार ने सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े मुस्लिम वर्ग को दिए गए 5 प्रतिशत आरक्षण से जुड़े पुराने फैसले को रद्द कर दिया है। आपको बता दें कि साल 2014 में एक अध्यादेश के जरिए मुस्लिम समाज को विशेष पिछड़ा प्रवर्ग-ए (SBC-A) के तहत सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 5% आरक्षण दिया गया था। इसके आधार पर जाति प्रमाणपत्र और जाति वैधता प्रमाणपत्र भी जारी किए जा रहे थे। लेकिन इस अध्यादेश को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी।

14 नवंबर 2014 को हाई कोर्ट ने आरक्षण के इस फैसले पर रोक (स्टे) लगा दी थी। बाद में यह अध्यादेश 23 दिसंबर 2014 तक कानून में नहीं बदल पाया, जिससे वह स्वतः निरस्त (लैप्स) हो गया। अब सरकार ने साफ किया है कि उस अध्यादेश के आधार पर जारी सभी शासन निर्णय और परिपत्र भी रद्द माने जाएंगे।

प्रोसेस को पूरी तरह खत्म किया गया

महाराष्ट्र में पहले से पांच फीसदी आरक्षण रद्द है। अब उस प्रोसेस को भी पूरी तरह खत्म कर दिया है। कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों में इस 5% आरक्षण पर एडमिशन नहीं मिलेगा। इस श्रेणी में नए जाति प्रमाणपत्र और वैधता प्रमाणपत्र जारी नहीं होंगे। पहले जारी किए गए आदेश और सरकारी सर्कुलर अब लागू नहीं माने जाएंगे। 2014 में जो 5% आरक्षण दिया गया था, वह अब पूरी तरह खत्म माना जाएगा और लेकिन अभी उस निर्णय के तहत जो प्रक्रिया शुरू थी, उसे पूरी तरह से निरस्त कर दिया है।

ये भी पढ़ें- अजित पवार प्लेन क्रैश की CBI करेगी जांच? सुनेत्रा पवार ने CM फडणवीस से मिलकर की मांग

देवेंद्र फडणवीस ने 75 स्कूलों को दिए गए अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्था के दर्जे पर लगाई रोक, सुनेत्रा पवार के पास है ये मंत्रालय

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। महाराष्ट्र से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।

Advertisement
Advertisement
Advertisement